हिन्दु पैदा हुआ हूँ और यहाँ से ऊपर भी हिन्दु बन कर जाऊँगा बस गीत और महिमा ही हिन्दुस्तां की गाऊँगा और सारे विश्व को सुनाऊंगा
पैदा जब मानुष देह से बच्चा होता है तो धिरे धिरे बडा होता है तो सब पर वह मधुर मधुर मुस्कान फेरता रहता है चाहे कोई दुश्मन हो या फिर मित्र सबके साथ बस मित्रवत् व्यवहार बडे होने पर कोई कैसे संस्कार देता है कोई कैसे
हिन्दु बोलता है बेटा चलते चलते नजर रास्ते पर रखना कयोंकि रास्ते में चिंटीयां किडे मकौडे और कई प्रकार के जीव रास्ते में होते है उन्हें दुख नहीं होना चाहिए अर्थात उन्हे गलती से मारकर भी पाप मत करना सब हमारे लिए ये असहाय जीव हमारे लिए शरणागत् है और इन्हें हम शरण दें रक्षण करें हमारा धर्म है
जब बडा होता है तो दया धर्म नैतिकता सदाचारी और मित्रवत् व्यवहार ही हिन्दु संतान में सबने अपने समाज और परिवार को सिखाया और पूरे विश्व इसको जानता है
लेकिन ऐसा क्यों हुआ की फिर भी हमारी सभ्य सभ्यता को सबने गुलाम बनवाया अत्याचार किऐ मित्र बनकर हमारा ही और हमारे लोगों का सामुहिक संहार किया इतिहास गवाह है गुरू तेगबहादुर जी ने अपने पूरे परिवार को हिन्दु धर्म बचाने के लिए और शरणागत को शरण देने के लिए तिल तिल होकर शहिद हो गए जुल्म और अत्याचार की कोई सिमा नहीँ थी और न रही किसी को कोल्हू में डाला गया तो किसी को गर्म तौऐ पर तिल तिल कर भूना गया किसी को कंटीली तारो से गोद कर दोनों तरफ से खिंचा गया तो किसी के बच्चों को काट कर कलेजा उसका मुँह में ठुसां गया फिर भी धर्म को जिंदा रखा और रखे हुऐ है ये अमर बलिदान कोई भी हो भुलाना मुश्किल है और दोहराना आसान है
कयोंकि जयचंदो का धर्म इमान नही होता उनका कर्म तो बेइमानी धोखा छल और अपने सगे संबंधियों तक भी न छोडने का इरादा होता है
आप सभी जानते है पृथवीराजचौहान जी ने जिसको 17 बार हराया और कारागार में बंदी बनाकर दया और रहम की भिख मांगकर जिसे छोड दिया उसने उनके साले को लालच देकर पृथ्वीराज चौहान जी को बंदी बनाया था कयोंकि घर का भेदी लंका डाऐ
और उनकी आँखे निकालकर उनकी निर्मम हत्या कर दी गइ थी तो सतारह बार हरा कर और बंदी बनाकर फिर दया करके छोड देना इतने दयालु और कृपालु होने पर चौहान जी को क्या मिला सारा विश्व जानता है और जान लेना चाहिए
जो भारत में विदेशी मित्र बन कर आया वो हिन्दु संतान में ही इसे धर्मशाला बनाकर यंही रहने लगा और हमारे लोग विदेशी लोगों को और इनकी विदेशी सोच को पालने और पोसने लगे और सिल सिला चलता रहा जो भी आया कोई ताया बनाया गया तो कोई जीजा तो कोई साला और कोई बाहर विदेश में जाकर वहाँ से शादी करके आ गया और फिर यहाँ की बहु बनकर तबाही का मंजर जो चला की सारे देश में हा हा कार मच गइ
सनकी लोग भी खुद भी तबाह होकर पता नहीं यहाँ कैसा कैसा इतिहास लिखकर तबाह हो गऐ और अभी होगें कयोंकि इस धरती को जिसने भी लुट खसोट अत्याचार और धोखा किया उनका और उनके वंश का सत्यानाश ही हुआ और अभी भी हो रहा है और होगा
कयोंकि हिंदु धर्म का अर्थ ये है की यहाँ पर कोई भी धर्म का हो जाती का हो संप्रदाय का हो वह सबसे पहले हिन्दु है और हिन्दु संतान का है बाकी बातें बाद में आज हिन्दोस्तान में जो ये दो विधान दो प्रधान दो निशान की जो विरासत में हमें मिला है ये अंग्रेजो और मुगलों के जयचंदो के वंशजों की नितीयां है जो जाते जाते यहाँ बिज रोपे गऐ थे ताकी यह देश खंड खंड होकर टुकडों में बंटता रहे और हम अपने देश से तमाशा देख कर मलाई खाते रहे और सर्वदा ही गुलामी और अत्याचार हम सहते रहें
अंग्रेजो और मुगलों के जाने के बाद भी दिल्ली में और कशमिर में आज भी मलाई खा रहे है कयोंकि बाहर से इनको सहायता मिल रही है
आज के युग में धर्म के नाम पर कइ लोगों को कुर्सी तो मिल जाती है लेकिन कुर्सी पर बैठ कर इन्हे धर्म और दया भाव पर चलनें वालों को बोलने साथ चलने पर बंदिशों का सिलसिला जारी है
आज बडे बडे पैसो और शौहरत और कुर्सी के लिए धर्म दया और नैतिकता को पांव तले रौंद रहे है पता नहीं ये भी शायद जयचंद के साथ इतिहास में अपना नाम लिखवाने की होड में शामिल है
लेकिन जो माँ के नहीँ हुऐ वो मौसी के कैसे होगें
ये बात दोनों तरफ की है
सदा सर्तक सदा सावधान गद्दारों और जयचंदो को दुर से पहचान जाना चाहिए
कयोंकि जब बखत है तोबखत रहते ज्ञान रखो इमान रखो
बाद में तो जान भी रखोगे तो कोई विश्वास नहीं करेगा
653 वर्ष मुगलों ने गुलाम बना कर वो किया जिस पर सारा विश्व हंसता है
फिर अंग्रेज आऐ उन्होंने भी अपना यहाँ 247 साल राज करके अपना पूरा दिल खोलकर अत्याचार और लुट खसोट की और गठरी बांधकर यहाँ से 1947 में चले गए आज ही उनका ही लिखा किताबी कानुन चल रहा है
वही जात पात भेद भाव आरक्षण और धारा 370इतयादी जो चिजें कैसर की तरह देश को अंदर ही अदर छलनी कर रही है सांप और विचछु की तरह डस रही है हर वर्ष योग्य युवक युवतियां इस आरुक्षण की बजह से आतमहतयाऐं करते है हम अपने देश के होनहारों को छोटी सी बात के लिए खो रहे है
मैं दिल से आरक्षण का विरोधी नहीं हूँ पक्षधर हूँ
कयोंकि आरक्षण जरूर होना चाहिए लेकिन आधार उसका आर्थिक हो न की जाती के आधार पर
एक घर से सात आरक्षण लेकर अधिकारी है और बीस घरों में पी एच डी अच्छे नम्बरों में करके भी हर समय मानसिक तनाव में है तो क्या होगा जिसके पिछे परिवार सुदृढ है वो अमेरिका का बिजा लेकर अपनी सेवा और परिवार वहाँ जाकर रहेगा और अपना देश का होकर भी विदेश की निंव मजबुरी में मजबुत करेगा
और हम एक अच्छे वकील अच्छे डाक्टर और अच्छे होनहार बच्चों को आरक्षण के इस जहर की बजह से खो रहे है
और जिसका परिवार आर्थिक रूप से गरिब है वो विदेश तो जाऐगा नहीँ हर समय तनावपूर्ण माहौल में या तो ऐसे लोग इहलिला समाप्त करते है या फिर देश की एकता अखण्डता को कोस कोस कर लुटेरे या असंसकारी अहंकारी बनकर कुछ देशद्रोही और अलगाववादी बनते जा रहे है
इस व्यवस्था में मिल कर सौधार लाना होगा सख्त कानुन बनाना पडेगा जिसकी आज जरूरत है
कयोंकि पडौसी देश इस बात को हवा देकर कइ बार झमैला खडा कर देता है और मिडिया भी
पाकिस्तानी परस्त लोगों को हिरो बनाने में लिहाज नहीँ रखती अगर पाकिस्तान में ऐसा हो तो दिन दिहाडे डेर लग जाते है कुछ ज्यादा ही आजादी के पक्षधर भी नहीँ होना चाहिए कयोंकि कुछ बाहर से यहाँ आऐ कुत्ते भी बहुत भौकनें लगते है और यहाँ के नेता यहाँ आने पर इनको पालते पोसते रहते है
जैसे अवार्ड वापसी गैंग और देश के विरूद्ध नारे लगवाने वाले देशद्रोही गैंग और असहिष्णुता वाली गैंग इसके कुछ उदाहरण है
सिधी सी बात है यहाँ के जो नेता पहले सताधारी थे वो सतावहिन हो जाने पर ऐसे लोगों को उकसा कर मंच साझा करके इनको हवा दे रहे थे
लेकिन आश्रय देने वालों की मोदी जी ने एक भी नहीँ चलने दी उन्होने सिधा सिधा कहाँ जो देश की एकता और प्रभुसता पर कुठाराघात् करके उसे बखशा नहीँ जाऐगा
माननीय मोदी जी देश की एक विश्वास की किरण है
जिनको आज पूरा हिन्दुस्तान और विश्व एक जननायक मानता है और है भी उन्होने करके दिखा दिया है
इससे पहले जो प्रधान मंत्री थे उन्के कार्यकाल में इतने घोटाले हुऐ की केन्द्र और राज्य का ऐसा कोई भी विभाग ऐसा नहीं था जिसमें करोडों अरबों के घोटाले जिसमें नहीं हुऐ हों
तभी ऐसे हुकमरानों को जनता ने जमीन दिखा दी थी जो हिन्दु संतान को फिर से गुलाम बनाने की शाजीश रच चूके थे उनको उनका स्थान दिखा दिया जनादेश कितना ताकतवर होता है लोकतंत्र में ये भारत की जनता ने पूरे विश्व को दिखा दिया
धन्य है भारत की जनता कोटी कोटी प्रणाम
इसलिए नेताओं की कृपा के और संरक्षण के पात्र वो लोग होने चाहिए जो देश और जनता समाज के हितैषी हो न की उन्हें सरक्षण मिले जो खाते तो यहाँ का है और बाजा वहाँ का बजाते है सिनेमा में ही कुछ ऐसी ही हस्तियां है जो पाकिस्तान को आर्थिक सहायता देकर हिन्दु संतान की जनता के साथ धोखा और फरेब कर रहे है जबकी यहाँ शरणार्थी है और कइयों के सहयोगी है











